
अंबेडकरनगर। डिप्टी सीएम शुक्रवार को यहां पहुंचे भी नहीं, लेकिन उनके हेलीपैड बनाने को लेकर नाऊसांडा क्षेत्र के 12 गांवों की बिजली आपूर्ति लगभग 15 घंटे ठप कर दी गई। इससे 20 हजार आबादी को परेशानी उठानी पड़ी।
सोशल मीडिया पर इसे प्रशासन की अदूरदर्शिता बताते हुए लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया भी जताई।
शुक्रवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का जयराम वर्मा स्मारक इंटर कॉलेज नाऊसांडा में युवा सम्मेलन तय था। यहीं से एक किलोमीटर दूर स्थित पूरा बख्शराय गांव में उन्हें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा करनी थी। इसके लिए प्रशासन ने स्कूल की चारदीवारी के बगल की भूमि को हेलीपैड के लिए चिह्नित किया। बृहस्पतिवार रात नौ बजे करीब हेलीपैड की तैयारी को देखते हुए बिजली के तार उतार दिए गए। इससे नाऊसांडा, इब्राहिमपुर, रुस्तमपुर, पूरा बख्शराय, मोहद्दीपुर व दौलतपुर आदि गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
ग्रामीणों व बाजारवासियों को शुक्रवार सुबह पता लग कि हेलीपैड बनाने के लिए उनकी बिजली काट दी गई है। इस पर उनमें आक्रोश व्याप्त हो गया। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। कहा कि हेलीपैड एनटीपीसी या अन्य स्थान पर बनाया जा सकता था, लेकिन कार्यक्रमस्थल के बगल ही हेलीपैड बनाने के निर्णय का खामियाजा कई गांव के उपभोक्ताओं को 15 घंटे तक बिजली संकट के रूप में भुगतना पड़ा।
बोले अधिकारी
बिजली तो शुक्रवार को दो-तीन घंटे ही रोकी गई थी। सुरक्षा कारणों से यह जरूरी था। कार्यक्रम निरस्त होने की जानकारी हुई तो तत्काल आपूर्ति बहाल करा दी गई। सोशल मीडिया पर जो बातें चल रही हैं वह ठीक नहीं हैं।
-डॉ. सदानंद गुप्त, एडीएम
हेलीपैड बनाने का निर्णय हम सबका नहीं होता। इसके लिए करीब 12 घंटे बिजली रोकी गई थी। -गिरीश नारायण मिश्र, अधीक्षण अभियंता






